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mahabharat 3.187.14: फिर एक दिन मत्स्य ने मनु को देखा और कहा, 'हे प्रभु! अब कृपया मुझे इससे भी अच्छा स्थान दीजिए।'   |   mahabharat अध्याय 3.187: वैवस्वत मनुका चरित्र तथा मत्स्यावतारकी कथा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.187.14 
अथ मत्स्यो मनुं दृष्ट्वा पुनरेवाभ्यभाषत।
भगवन् साधु मेऽद्यान्यत् स्थानं सम्प्रतिपादय॥ १४॥
 
 
अनुवाद
फिर एक दिन मत्स्य ने मनु को देखा और कहा, 'हे प्रभु! अब कृपया मुझे इससे भी अच्छा स्थान दीजिए।'
 
Then one day Matsya saw Manu and said, 'O Lord! Now please give me a better place than this.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)