Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.186.10: जो मनुष्य उत्तम स्वभाव वाला, अत्यन्त बलवान, हल खींचने में समर्थ, गाड़ी का भार उठाने में समर्थ, बलवान और युवा बैल दान करता है, उसे गौ दान करने वाले की अपेक्षा दस गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है ॥10॥ | mahabharat अध्याय 3.186: तार्क्ष्यमुनि और सरस्वतीका संवाद । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनड्वाहं सुव्रतं यो ददाति
हलस्य वोढारमनन्तवीर्यम्।
धुरन्धरं बलवन्तं युवानं
प्राप्नोति लोकान् दश धेनुदस्य॥ १०॥
अनुवाद
जो मनुष्य उत्तम स्वभाव वाला, अत्यन्त बलवान, हल खींचने में समर्थ, गाड़ी का भार उठाने में समर्थ, बलवान और युवा बैल दान करता है, उसे गौ दान करने वाले की अपेक्षा दस गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है ॥10॥
A person who donates a bull that is of good nature, very powerful, capable of pulling a plough, able to carry the load of a cart, strong and young, gets ten times more virtues than the person who donates a cow. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥