श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 184: तपस्वी तथा स्वधर्मपरायण ब्राह्मणोंका माहात्म्य  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.184.22 
एतद् वै लेशमात्रं व: समाख्यातं विमत्सरा:।
गच्छध्वं सहिता: सर्वे न पापाद् भयमस्ति व:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे ईर्ष्यालु राजाओं! मैंने ये सब बातें तुमसे संक्षेप में कह दीं। अब तुम सब लोग एक साथ यहाँ से चले जाओ, अब तुम्हें ब्रह्महत्या के पाप का भय नहीं है।॥22॥
 
O jealous kings! I have told you all these things in brief. Now all of you go from here together, you are no longer afraid of the sin of killing a brahmin.'॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)