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mahabharat 3.184.16: ये मृत ऋषिगण यहाँ कैसे लाए गए और उन्हें जीवन कैसे मिला? क्या तप के बल से ही वे पुनः जीवित हुए?॥16॥   |   mahabharat अध्याय 3.184: तपस्वी तथा स्वधर्मपरायण ब्राह्मणोंका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.184.16 
मृतो ह्ययमुपानीत: कथं जीवितमाप्तवान्।
किमेतत् तपसो वीर्यं येनायं जीवित: पुन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
ये मृत ऋषिगण यहाँ कैसे लाए गए और उन्हें जीवन कैसे मिला? क्या तप के बल से ही वे पुनः जीवित हुए?॥16॥
 
‘How were these dead sages brought here and how did they get life? Is it the power of penance that brought them back to life?॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)