श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 184: तपस्वी तथा स्वधर्मपरायण ब्राह्मणोंका माहात्म्य  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.184.11 
तानब्रवीत् स विप्रर्षि: कथं वो ब्राह्मणो हत:।
क्व चासौ ब्रूत सहिता: पश्यध्वं मे तपोबलम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर ऋषि बोले, "तुमने ब्राह्मण को कैसे मारा? और मरा हुआ ब्राह्मण कहाँ है? मुझे बताओ। तब तुम सब मिलकर मेरी तपस्या का प्रभाव देखोगे।"
 
Hearing this, the sage said, 'How did you kill the Brahmin? And where is the dead Brahmin? Tell me. Then all of you will see the power of my penance together.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)