Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.183.36: हे राजन! क्रोध, दीनता और शोक से दूर रहकर जहाँ चाहो वहाँ विचरण करो। फिर शोकरहित होकर अपनी प्रसिद्ध और उत्तम राजधानी हस्तिनापुर में प्रवेश करो॥ 36॥ | mahabharat अध्याय 3.183: काम्यकवनमें पाण्डवोंके पास भगवान् श्रीकृष्ण, मुनिवर मार्कण्डेय तथा नारदजीका आगमन एवं युधिष्ठिरके पूछनेपर मार्कण्डेयजीके द्वारा कर्मफल-भोगका विवेचन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! क्रोध, दीनता और शोक से दूर रहकर जहाँ चाहो वहाँ विचरण करो। फिर शोकरहित होकर अपनी प्रसिद्ध और उत्तम राजधानी हस्तिनापुर में प्रवेश करो॥ 36॥
‘O King! Staying away from anger, humility and sorrow, roam wherever you like. Then, without any sorrow, enter your famous and excellent capital, Hastinapur.'॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥