Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.183.26: 'कृष्ण! धनुर्वेद में उनका विशेष प्रेम है। वे आनर्त देश में जाकर वृष्णिपुरी द्वारका में निवास करते हैं। वहाँ रहते हुए वे देवताओं के लोक में जाने की भी इच्छा नहीं रखते॥ 26॥ | mahabharat अध्याय 3.183: काम्यकवनमें पाण्डवोंके पास भगवान् श्रीकृष्ण, मुनिवर मार्कण्डेय तथा नारदजीका आगमन एवं युधिष्ठिरके पूछनेपर मार्कण्डेयजीके द्वारा कर्मफल-भोगका विवेचन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'कृष्ण! धनुर्वेद में उनका विशेष प्रेम है। वे आनर्त देश में जाकर वृष्णिपुरी द्वारका में निवास करते हैं। वहाँ रहते हुए वे देवताओं के लोक में जाने की भी इच्छा नहीं रखते॥ 26॥
‘Krishna! He has special love for Dhanur Veda. He goes to Anart Desh and lives in Vrishnipuri Dwarka. While living there, he does not even wish to go to the world of the gods.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥