Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.181.30: सर्प बोला, "हे राजन! यह धन-संपत्ति बड़े-बड़े बुद्धिमान और शूरवीरों को भी मोह में डाल देती है। मेरा तो यह मानना है कि भोग-विलास में डूबे हुए सभी मनुष्य मोह में पड़ जाते हैं।" | mahabharat अध्याय 3.181: युधिष्ठिरद्वारा अपने प्रश्नोंका उचित उत्तर पाकर संतुष्ट हुए सर्परूपधारी नहुषका । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्प बोला, "हे राजन! यह धन-संपत्ति बड़े-बड़े बुद्धिमान और शूरवीरों को भी मोह में डाल देती है। मेरा तो यह मानना है कि भोग-विलास में डूबे हुए सभी मनुष्य मोह में पड़ जाते हैं।"
The snake said, "O King! This wealth and riches beguile even the most intelligent and valiant men. I believe that all people who are immersed in pleasure and luxury get beguiled."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥