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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 181: युधिष्ठिरद्वारा अपने प्रश्नोंका उचित उत्तर पाकर संतुष्ट हुए सर्परूपधारी नहुषका  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.181.28 
युधिष्ठिर उवाच
अहो बुद्धिमतां श्रेष्ठ शुभा बुद्धिरियं तव।
विदितं वेदितव्यं ते कस्मात् समनुपृच्छसि॥ २८॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, "हे बुद्धिमानों में श्रेष्ठ! आपकी बुद्धि बहुत अच्छी है। जानने योग्य बात तो आप जान ही चुके हैं, फिर मुझसे क्यों पूछते हैं?"
 
Yudhishthira said, "O best of the wise! Your wisdom is very good. You have already known the thing worth knowing, then why do you ask me?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)