Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.180.9: युधिष्ठिर बोले- सर्प! तुम देवता हो या राक्षस, अथवा साक्षात् सर्प हो? सच-सच बताओ, युधिष्ठिर तुमसे यह प्रश्न पूछ रहे हैं। भुजंगम! तुमने भीमसेन को अपना शिकार क्यों बनाया है?॥9॥ | mahabharat अध्याय 3.180: युधिष्ठिरका भीमसेनके पास पहुँचना और सर्परूपधारी नहुषके प्रश्नोंका उत्तर देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
देवो वा यदि वा दैत्य उरगो वा भवान् यदि।
सत्यं सर्प वचो ब्रूहि पृच्छति त्वां युधिष्ठिर:।
किमर्थं च त्वया ग्रस्तो भीमसेनो भुजङ्गम॥ ९॥
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले- सर्प! तुम देवता हो या राक्षस, अथवा साक्षात् सर्प हो? सच-सच बताओ, युधिष्ठिर तुमसे यह प्रश्न पूछ रहे हैं। भुजंगम! तुमने भीमसेन को अपना शिकार क्यों बनाया है?॥9॥
Yudhishthira said— Snake! Are you a god or a demon or are you actually a snake? Tell me the truth, Yudhishthira is asking you this question. Bhujangam! Why have you made Bhimasena your prey?॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥