Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.180.8: बहुत दिनों तक उपवास करने के बाद आज मुझे आपके छोटे भाई का भोजन प्राप्त हुआ है, अतः मैं न तो उसका त्याग करूँगा और न उसके बदले में कोई दूसरा भोजन ग्रहण करना चाहता हूँ ॥8॥ | mahabharat अध्याय 3.180: युधिष्ठिरका भीमसेनके पास पहुँचना और सर्परूपधारी नहुषके प्रश्नोंका उत्तर देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चिरेणाद्य मयाऽऽहार: प्राप्तोऽयमनुजस्तव।
नाहमेनं विमोक्ष्यामि न चान्यमभिकाङ्क्षये॥ ८॥
अनुवाद
बहुत दिनों तक उपवास करने के बाद आज मुझे आपके छोटे भाई का भोजन प्राप्त हुआ है, अतः मैं न तो उसका त्याग करूँगा और न उसके बदले में कोई दूसरा भोजन ग्रहण करना चाहता हूँ ॥8॥
After fasting for a long time, today I have received your younger brother as food. Therefore, I will neither give it up nor do I wish to take any other food in place of it. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥