Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.180.35-36: जब तक बालक को संस्कार न दिए जाएँ और वेदों का अध्ययन न कराया जाए, तब तक वह शूद्राभिषेक के समान है। जाति-सम्बन्धी शंका होने पर स्वायम्भुव मनु ने यही निर्णय दिया है। नागराज! यदि वैदिक संस्कार और वेदों का अध्ययन करने पर भी ब्राह्मण आदि वर्णों में वांछित शील और सदाचार का उदय न हो, तो उसमें प्रबल वर्ण-मिश्रण है, ऐसा बहुत सोच-विचारकर निर्णय दिया गया है। | mahabharat अध्याय 3.180: युधिष्ठिरका भीमसेनके पास पहुँचना और सर्परूपधारी नहुषके प्रश्नोंका उत्तर देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तावच्छूद्रसमो ह्येष यावद् वेदे न जायते।
तस्मिन्नेवं मतिद्वैधे मनु: स्वायम्भुवोऽब्रवीत्॥ ३५॥
कृतकृत्या: पुनर्वर्णा यदि वृत्तं न विद्यते।
संकरस्त्वत्र नागेन्द्र बलवान् प्रसमीक्षित:॥ ३६॥
अनुवाद
जब तक बालक को संस्कार न दिए जाएँ और वेदों का अध्ययन न कराया जाए, तब तक वह शूद्राभिषेक के समान है। जाति-सम्बन्धी शंका होने पर स्वायम्भुव मनु ने यही निर्णय दिया है। नागराज! यदि वैदिक संस्कार और वेदों का अध्ययन करने पर भी ब्राह्मण आदि वर्णों में वांछित शील और सदाचार का उदय न हो, तो उसमें प्रबल वर्ण-मिश्रण है, ऐसा बहुत सोच-विचारकर निर्णय दिया गया है।
Unless a child is given the Sanskar (rites) and is made to study the Vedas, he is like a Shudrahi. This is the decision given by Swayambhuva Manu in case of doubts about caste. King of Nagars! If even after performing Vedic Sanskar and studying the Vedas, the desired modesty and good conduct does not emerge in the Brahmin and other castes, then there is a strong Varna-Mixing in him, this has been decided after careful consideration.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥