Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.180.16: महर्षि के शाप के अनुसार मैंने दिन के छठे भाग में तुम्हारे इस छोटे भाई को आहार के रूप में प्राप्त किया है, अतः मैं न तो इसे त्यागूँगा और न इसके बदले में कोई दूसरा आहार ग्रहण करना चाहता हूँ॥ 16॥ | mahabharat अध्याय 3.180: युधिष्ठिरका भीमसेनके पास पहुँचना और सर्परूपधारी नहुषके प्रश्नोंका उत्तर देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
षष्ठे काले मयाऽऽहार: प्राप्तोऽयमनुजस्तव।
नाहमेनं विमोक्ष्यामि न चान्यदपि कामये॥ १६॥
अनुवाद
महर्षि के शाप के अनुसार मैंने दिन के छठे भाग में तुम्हारे इस छोटे भाई को आहार के रूप में प्राप्त किया है, अतः मैं न तो इसे त्यागूँगा और न इसके बदले में कोई दूसरा आहार ग्रहण करना चाहता हूँ॥ 16॥
According to the curse of Maharishi, I have received this younger brother of yours as food in the sixth part of the day. Therefore, I will neither leave it nor do I want to take any other food in its place.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥