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स निवर्त रथेनाशु पुनर्दारुकनन्दन।
न चैतदेवं कर्तव्यमथापत्सु कथंचन॥ ३०॥
अनुवाद
'दारुकनंदन! इसलिए आप शीघ्र ही रथ द्वारा युद्धभूमि में लौट जाएँ। आज से यदि मुझे कोई संकट भी आए, तो भी आप ऐसा व्यवहार न करें।'
'Darukanandan! Therefore you should return to the battlefield quickly by chariot. From today onwards, even if I face any danger, you should not behave in such a manner. 30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥