Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.18.27: ‘कमल-नेत्र वाले, महाबाहु और अजेय वीर भगवान पुरुषोत्तम जो शंख, चक्र और गदा धारण करते हैं, जब वे मेरे पास आएंगे, तब मैं उन्हें क्या उत्तर दूँगा?॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 3.18: मूर्च्छावस्थामें सारथिके द्वारा रणभूमिसे बाहर लाये जानेपर प्रद्युम्नका अनुताप और इसके लिये सारथिको उपालम्भ देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘कमल-नेत्र वाले, महाबाहु और अजेय वीर भगवान पुरुषोत्तम जो शंख, चक्र और गदा धारण करते हैं, जब वे मेरे पास आएंगे, तब मैं उन्हें क्या उत्तर दूँगा?॥ 27॥
‘What answer will I give to the lotus-eyed, mighty-armed and invincible heroic Lord Purushottama, who holds the conch, discus and mace, when he comes to me here?॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥