Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.18.25: 'सारथिपुत्र! वीर कृतवर्मा शाल्व का सामना करने के लिए नगर से बाहर आ रहा था; किन्तु मैंने उसे रोककर कहा - 'तुम यहीं ठहरो। मैं शाल्व को परास्त करूँगा।'॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 3.18: मूर्च्छावस्थामें सारथिके द्वारा रणभूमिसे बाहर लाये जानेपर प्रद्युम्नका अनुताप और इसके लिये सारथिको उपालम्भ देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'सारथिपुत्र! वीर कृतवर्मा शाल्व का सामना करने के लिए नगर से बाहर आ रहा था; किन्तु मैंने उसे रोककर कहा - 'तुम यहीं ठहरो। मैं शाल्व को परास्त करूँगा।'॥ 25॥
'Son of a charioteer! The brave Kritavarma was coming out of the city to face Shalva; but I stopped him and said - 'You stay here. I will defeat Shalva.'॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥