Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.18.11-12: कुरुपुत्र! सारथि के ऐसा कहने पर मकरध्वज प्रद्युम्न ने उससे कहा- 'दारुकपुत्र! रथ को पुनः रणभूमि में ले चलो। सारथिपुत्र! आज से मेरे जीवित रहते हुए रथ को किसी भी प्रकार रणभूमि से वापस मत लौटाना।' 11-12. | mahabharat अध्याय 3.18: मूर्च्छावस्थामें सारथिके द्वारा रणभूमिसे बाहर लाये जानेपर प्रद्युम्नका अनुताप और इसके लिये सारथिको उपालम्भ देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुरुपुत्र! सारथि के ऐसा कहने पर मकरध्वज प्रद्युम्न ने उससे कहा- 'दारुकपुत्र! रथ को पुनः रणभूमि में ले चलो। सारथिपुत्र! आज से मेरे जीवित रहते हुए रथ को किसी भी प्रकार रणभूमि से वापस मत लौटाना।' 11-12.
Son of Kuru! When the charioteer said this, Makardhwaj Pradyumna said to him- 'Daruk's son! Take the chariot back to the battlefield again. Son of a charioteer! From today onwards, never return the chariot from the battlefield in any way while I am alive. 11-12.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥