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mahabharat 3.179.48: जाते समय उन्होंने अर्जुन से कहा, ‘द्रौपदी की रक्षा करो।’ फिर उन्होंने नकुल और सहदेव को ब्राह्मणों की रक्षा और सेवा करने का आदेश दिया।   |   mahabharat अध्याय 3.179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  3.179.48 
द्रौपद्या रक्षणं कार्यमित्युवाच धनंजयम्।
नकुलं सहदेवं च व्यादिदेश द्विजान् प्रति॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
जाते समय उन्होंने अर्जुन से कहा, ‘द्रौपदी की रक्षा करो।’ फिर उन्होंने नकुल और सहदेव को ब्राह्मणों की रक्षा और सेवा करने का आदेश दिया।
 
While leaving He told Arjuna, 'Protect Draupadi.' Then He ordered Nakula and Sahadeva to protect and serve the Brahmins. 48.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)