श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  3.179.46 
धर्मराजोऽपि मेधावी मन्यमानो महद् भयम्।
द्रौपदीं परिपप्रच्छ क्व भीम इति भारत॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
भरत! परम बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर ने भी हृदय में महान भय अनुभव करते हुए द्रौपदी से पूछा - 'भीमसेन कहाँ हैं?'॥ 46॥
 
Bharata! The most intelligent Dharmaraja Yudhishthira also, feeling great fear in his heart, asked Draupadi - 'Where is Bhimasena?'॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)