Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.179.40: दूसरी ओर, कुंतीपुत्र युधिष्ठिर उस भयंकर विनाश को देखकर, जो अशुभ घटनाओं का संकेत दे रहा था, अत्यन्त चिन्तित हो गये। वे बेचैन हो गये। | mahabharat अध्याय 3.179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दूसरी ओर, कुंतीपुत्र युधिष्ठिर उस भयंकर विनाश को देखकर, जो अशुभ घटनाओं का संकेत दे रहा था, अत्यन्त चिन्तित हो गये। वे बेचैन हो गये।
On the other hand, Yudhishthira, son of Kunti, became very worried on seeing the terrible havoc that was indicating ominous events. He became restless. 40.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥