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mahabharat 3.179.38: "मेरे नाश से उनका उत्साह नष्ट हो जाएगा, वे अपना बल और पराक्रम खो देंगे तथा सर्वथा शक्तिहीन हो जाएंगे, ऐसा मेरा विश्वास है।" ॥38॥   |   mahabharat अध्याय 3.179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.179.38 
भविष्यतो निरुत्साहौ भ्रष्टवीर्यपराक्रमौ।
मद्विनाशात् परिद्यूनाविति मे वर्तते मति:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
"मेरे नाश से उनका उत्साह नष्ट हो जाएगा, वे अपना बल और पराक्रम खो देंगे तथा सर्वथा शक्तिहीन हो जाएंगे, ऐसा मेरा विश्वास है।" ॥38॥
 
"With my destruction they will lose their enthusiasm, they will lose their strength and valour and will become utterly powerless, I believe." ॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)