Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.179.37: नकुल और सहदेव एक साथ उत्पन्न होकर सदैव अपने बड़ों की आज्ञा का पालन करने में तत्पर रहते हैं। मेरे बल से सुरक्षित होकर दोनों भाई सदैव अपने पुरुषत्व पर गर्व करते हैं॥ 37॥ | mahabharat अध्याय 3.179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नकुल: सहदेवश्च यमौ च गुरुवर्तिनौ।
मद्बाहुबलसंगुप्तौ नित्यं पुरुषमानिनौ॥ ३७॥
अनुवाद
नकुल और सहदेव एक साथ उत्पन्न होकर सदैव अपने बड़ों की आज्ञा का पालन करने में तत्पर रहते हैं। मेरे बल से सुरक्षित होकर दोनों भाई सदैव अपने पुरुषत्व पर गर्व करते हैं॥ 37॥
‘Born together, Nakula and Sahadeva are always engaged in obeying the orders of their elders. Protected by my strength, both brothers are always proud of their manliness.॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥