श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  3.179.33 
समर्थ: स महाबाहुरेकोऽपि सुमहाबल:।
देवराजमपि स्थानात् प्रच्यावयितुमञ्जसा॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
महाबली अर्जुन ही देवताओं के राजा इन्द्र को भी बिना किसी प्रयास के उनके स्थान से हटा देने में समर्थ है॥ 33॥
 
‘The mighty, powerful Arjuna alone is capable of dislodging even the king of gods, Indra, from his place without any effort.॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)