Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.179.31: 'मेरे मरने की बात सुनकर वे राज्य प्राप्ति के अपने सारे प्रयत्न त्याग देंगे। मेरे सभी भाई स्वभावतः गुणवान हैं। मैं ही उन्हें राज्य के लोभ से युद्ध करने के लिए विवश करता हूँ॥31॥ | mahabharat अध्याय 3.179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विनष्टमथ मां श्रुत्वा भविष्यन्ति निरुद्यमा:।
धर्मशीला मया ते हि बाध्यन्ते राज्यगृद्धिना॥ ३१॥
अनुवाद
'मेरे मरने की बात सुनकर वे राज्य प्राप्ति के अपने सारे प्रयत्न त्याग देंगे। मेरे सभी भाई स्वभावतः गुणवान हैं। मैं ही उन्हें राज्य के लोभ से युद्ध करने के लिए विवश करता हूँ॥31॥
'On hearing that I am dead, they will give up all their efforts to acquire the kingdom. All my brothers are naturally virtuous. It is I who force them to fight because of their greed for the kingdom.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥