श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.179.28 
पश्य दैवोपघाताद्धि भुजवीर्यव्यपाश्रयम्।
इमामवस्थां सम्प्राप्तमनिमित्तमिहाद्य माम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
देखो, आज मैं भगवान् के प्रकोप से अकारण ही इस दशा में पड़ा हूँ। अन्यथा मुझे अपने बाहुबल पर बड़ा विश्वास था॥28॥
 
‘Look, today I have found myself in this condition without any reason due to the wrath of God. Otherwise I had great faith in my physical strength.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)