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mahabharat 3.179.22: हे राजन! तुम जिसे भी पकड़ोगे, चाहे वह सब प्राणियों में सबसे बलवान ही क्यों न हो, वह अपना धैर्य खो देगा। और चाहे कोई व्यक्ति तुमसे भी अधिक बलवान क्यों न हो, सब लोग शीघ्र ही अपना साहस खो देंगे।॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 3.179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.179.22 
गृहीतस्य त्वया राजन् प्राणिनोऽपि बलीयस:।
सत्त्वभ्रंशोऽधिकस्यापि सर्वस्याशु भविष्यति॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तुम जिसे भी पकड़ोगे, चाहे वह सब प्राणियों में सबसे बलवान ही क्यों न हो, वह अपना धैर्य खो देगा। और चाहे कोई व्यक्ति तुमसे भी अधिक बलवान क्यों न हो, सब लोग शीघ्र ही अपना साहस खो देंगे।॥ 22॥
 
‘O King! Whoever you catch, even if he is the strongest of all beings, he will lose his patience. And even if a person is more powerful than you, everyone will lose his courage very soon.’॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)