Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.179.21: 'ऋषि ने मुझसे कहा था कि केवल वही व्यक्ति तुम्हें इस श्राप से मुक्त कर सकता है जो तुम्हारे सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दे सके।   |   mahabharat अध्याय 3.179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.179.21 
यस्तु ते व्याहृतान् प्रश्नान् प्रतिब्रूयाद् विभागवित्।
स त्वां मोक्षयिता शापादिति मामब्रवीदृषि:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
'ऋषि ने मुझसे कहा था कि केवल वही व्यक्ति तुम्हें इस श्राप से मुक्त कर सकता है जो तुम्हारे सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दे सके।
 
'The sage had told me that only he who can answer all your questions in detail can free you from this curse.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)