श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.179.19 
स मामुवाच तेजस्वी कृपयाभिपरिप्लुत:।
मोक्षस्ते भविता राजन् कस्माच्चित् कालपर्ययात्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उस समय उन महामुनि ने दया करके मुझसे कहा - 'हे राजन! कुछ समय बाद तुम इस शाप से मुक्त हो जाओगे।'
 
‘At that time that illustrious sage, moved with compassion, said to me - 'O King! After some time you will be freed from this curse.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)