श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.179.15 
त्वां चेदवध्यं दायादमतीव प्रियदर्शनम्।
अहमद्योपयोक्ष्यामि विधानं पश्य यादृशम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि तुम अविनाशी हो, क्योंकि तुम मेरे वंशज हो। तुम बहुत सुन्दर दिखते हो, फिर भी आज मैं तुम्हें अपना आहार बनाऊँगा। देखो, विधाता का विधान क्या है?॥15॥
 
'Although you are indestructible, because you are my descendant. You look very pretty, but today I will make you my food. See, what is the law of the Creator?॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)