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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 179: भीमसेन और सर्परूपधारी नहुषकी बातचीत, भीमसेनकी चिन्ता तथा युधिष्ठिरद्वारा भीमकी खोज
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श्लोक 13
श्लोक
3.179.13
नहुषो नाम राजर्षिर्व्यक्तं ते श्रोत्रमागत:।
तवैव पूर्व: पूर्वेषामायोर्वंशधर: सुत:॥ १३॥
अनुवाद
'मैं राजर्षि नहुष हूँ, यह नाम तो तुमने सुना ही होगा। मैं तुम्हारे पूर्वजों का भी पूर्वज हूँ। मैं महाराज आयु का पूर्वज पुत्र हूँ।॥13॥
'I am Rajarshi Nahush, you must have heard this name. I am the ancestor of your ancestors as well. I am the progenitor son of Maharaja Ayu.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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