vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना
»
श्लोक 31
श्लोक
3.178.31
स तेजस्वी तथा तेन भुजगेन वशीकृत:।
विस्फुरन् शनकैर्भीमो न शशाक विचेष्टितुम्॥ ३१॥
अनुवाद
महाबली भीम भी उस अजगर के चंगुल में फँस गए। वे धीरे-धीरे संघर्ष करते रहे, परन्तु छूटने का अधिक प्रयत्न करने में सफल न हो सके ॥31॥
Even the mighty Bhima fell into the clutches of that python. He kept struggling slowly but could not succeed in making much effort to get free. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×