vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना
»
श्लोक 28
श्लोक
3.178.28
स भीमं सहसाभ्येत्य पृदाकु: कुपितो भृशम्।
जग्राहाजगरो ग्राहो भुजयोरुभयोर्बलात्॥ २८॥
अनुवाद
वह अजगर अत्यन्त क्रोध से भर गया। वह (मनुष्यों को पकड़ने वाला) सर्प सहसा भीमसेन के पास आया और उनकी दोनों भुजाएँ बलपूर्वक पकड़ लीं॥ 28॥
That python was filled with great anger. That serpent (that seizes men) suddenly came near Bhimasena and seized both his arms forcefully.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×