Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.178.2-3: जिन्होंने अपने बल के अभिमान में पुलस्त्यनन्दन कुबेर को युद्ध के लिए ललकारा था, और जिन्होंने कुबेर की पुष्करिणी के तट पर अनेक यक्षों और राक्षसों का वध किया था, उन्हीं शत्रुसूदन भीमसेन को आप भयभीत (और व्यथित) बता रहे हैं। अतः मैं इस वृत्तांत को विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ। मुझे इसकी बड़ी जिज्ञासा है।॥2-3॥ | mahabharat अध्याय 3.178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिन्होंने अपने बल के अभिमान में पुलस्त्यनन्दन कुबेर को युद्ध के लिए ललकारा था, और जिन्होंने कुबेर की पुष्करिणी के तट पर अनेक यक्षों और राक्षसों का वध किया था, उन्हीं शत्रुसूदन भीमसेन को आप भयभीत (और व्यथित) बता रहे हैं। अतः मैं इस वृत्तांत को विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ। मुझे इसकी बड़ी जिज्ञासा है।॥2-3॥
You describe the same Shatrusudana Bhimasena, who in the pride of his power challenged Pulastyanandana Kubera for a battle, who had killed so many Yakshas and demons on the banks of Kubera's Pushkarini, as frightened (and in distress). Therefore, I wish to hear this episode in detail. I am very curious about this.॥2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥