श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.178.11 
मृगयां परिधावन् स समेषु मरुधन्वसु।
विध्यन् मृगान् शरै: शुद्धैश्चचार स महाबल:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
महाबली भीमसेन शिकार की खोज में दौड़ते हुए और केवल अपने बाणों से ही जंगली पशुओं को घायल करते हुए समस्त मरुभूमि में घूमते थे ॥11॥
 
The mighty Bhima used to roam all over the desert running in search of prey and wounding wild animals with only his arrows. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)