श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.178.1 
जनमेजय उवाच
कथं नागायुतप्राणो भीमो भीमपराक्रम:।
भयमाहारयत् तीव्रं तस्मादजगरान्मुने॥ १॥
 
 
अनुवाद
जनमेजय ने पूछा- मुनि! भयंकर पराक्रमी भीमसेन में दस हजार हाथियों का बल था। फिर उन्हें उस अजगर से इतना भय कैसे हो गया?॥1॥
 
Janamejaya asked— Sage! The terrifyingly powerful Bhimasena had the strength of ten thousand elephants. Then how did he get so much fear from that python?॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)