श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 176: भीमसेनकी युधिष्ठिरसे बातचीत और पाण्डवोंका गन्धमादनसे प्रस्थान  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.176.16 
त्वदर्थयोगप्रभवप्रधाना:
शमं करिष्याम परान् समेत्य॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तुम्हें धन की प्राप्ति हो और तुम्हारी समृद्धि बढ़े, यही हमारा मुख्य उद्देश्य है। अतः हम शत्रुओं से युद्ध करके उनका शत्रुत्व समाप्त करेंगे। ॥16 1/2॥
 
May you attain wealth and may your prosperity increase, this is our main aim. Therefore, we will fight with the enemies and end their enmity. ॥ 16 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)