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श्लोक 3.174.6  |
ततो दिव्यानि वस्त्राणि दिव्यान्याभरणानि च।
प्रादाच्छक्रो ममैतानि रुचिराणि बृहन्ति च॥ ६॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् देवताओं के राजा ने मुझे ये सुन्दर एवं विशाल दिव्य वस्त्र तथा दिव्य आभूषण प्रदान किये ॥6॥ |
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| Thereafter the King of the Gods gave me these beautiful and huge divine clothes and divine ornaments. ॥ 6॥ |
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