Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.173.69-72: युद्ध में हिरण्यपुर का विनाश, मय दानव का नाश तथा महाबलवन्नीवतकवों का वध सुनकर मरुत आदि देवताओं सहित भगवान सहस्रलोचन इन्द्र अत्यन्त प्रसन्न हुए और मुझे धन्यवाद देने लगे तथा प्रेमपूर्वक मुझे गले लगाकर मुस्कुराते हुए मेरा सिर सूंघने लगे। तत्पश्चात देवराज ने मुझे बार-बार सान्त्वना दी और देवताओं से ये मधुर वचन कहे- 'पार्थ! तुमने युद्ध में ऐसा कार्य किया है जो देवताओं और दानवों के लिए भी असम्भव है।' 69-72॥ | mahabharat अध्याय 3.173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हिरण्यपुरघातं च मायानां च निवारणम्॥ ६९॥
निवातकवचानां च वधं संख्ये महौजसाम्।
तच्छ्रुत्वा भगवान् प्रीत: सहस्राक्ष: पुरंदर:॥ ७०॥
मरुद्भि: सहित: श्रीमान् साधु साध्वित्यथाब्रवीत्।
(परिष्वज्य च मां प्रेम्णा मूर्ध्नि चाघ्राय सस्मितम्।)
ततो मां देवराजो वै समाश्वास्य पुन: पुन:॥ ७१॥
अब्रवीद् विबुधै: सार्धमिदं स मधुरं वच:।
अतिदेवासुरं कर्म कृतमेव त्वया रणे॥ ७२॥
अनुवाद
युद्ध में हिरण्यपुर का विनाश, मय दानव का नाश तथा महाबलवन्नीवतकवों का वध सुनकर मरुत आदि देवताओं सहित भगवान सहस्रलोचन इन्द्र अत्यन्त प्रसन्न हुए और मुझे धन्यवाद देने लगे तथा प्रेमपूर्वक मुझे गले लगाकर मुस्कुराते हुए मेरा सिर सूंघने लगे। तत्पश्चात देवराज ने मुझे बार-बार सान्त्वना दी और देवताओं से ये मधुर वचन कहे- 'पार्थ! तुमने युद्ध में ऐसा कार्य किया है जो देवताओं और दानवों के लिए भी असम्भव है।' 69-72॥
Hearing about the destruction of Hiranyapur, the removal of the demon Maya and the killing of Mahabalvannivatakavas in the war, Lord Sahasralochan Indra along with the gods like Marut became very happy and started thanking me and hugged me lovingly and smelled my head while smiling. After that, Devraj consoled me again and again and said these sweet words to the gods – 'Parth! You have done something in the war which is impossible even for the gods and demons. 69-72॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥