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mahabharat 3.173.6: राजन! राक्षसों के उस अद्भुत नगर को देखकर मैंने मातलि से पूछा - 'सारथि! यह कौन-सा अद्भुत नगर है?'॥6॥   |   mahabharat अध्याय 3.173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.173.6 
तदहं प्रेक्ष्य दैत्यानां पुरमद्‍भुतदर्शनम्।
अपृच्छं मातलिं राजन् किमिदं वर्ततेऽद्‍भुतम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
राजन! राक्षसों के उस अद्भुत नगर को देखकर मैंने मातलि से पूछा - 'सारथि! यह कौन-सा अद्भुत नगर है?'॥6॥
 
King! Having seen that wonderful looking city of the demons I asked Matali - 'Charioteer! Which wonderful city is this?'॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)