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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  3.173.59 
उवाच वचनं चेदं प्रीयमाण: कृताञ्जलि:।
सुरासुरैरसह्यं हि कर्म यत् साधितं त्वया॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
और अत्यंत प्रसन्न होकर हाथ जोड़कर बोले- 'अर्जुन! आज तुमने वह कार्य कर दिखाया है, जो देवताओं और दानवों के लिए भी असंभव था।
 
And being very happy he folded his hands and said- 'Arjuna! Today you have accomplished that which was impossible even for the gods and demons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)