Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.173.54-55: वे सब राक्षस उनके द्वारा घोर आघात पाकर नष्ट हो गये। भरत! उस समय मैंने अपने सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी तथा वज्र और अग्नि के समान प्रकाशित लौह बाणों द्वारा शत्रुओं का नाश करते हुए, दो ही क्षण में समस्त राक्षसों को नष्ट कर दिया। | mahabharat अध्याय 3.173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सब राक्षस उनके द्वारा घोर आघात पाकर नष्ट हो गये। भरत! उस समय मैंने अपने सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी तथा वज्र और अग्नि के समान प्रकाशित लौह बाणों द्वारा शत्रुओं का नाश करते हुए, दो ही क्षण में समस्त राक्षसों को नष्ट कर दिया।
All those demons were destroyed after being hit hard by them. Bhaarat! At that time, I destroyed all the demons in just two moments with my iron arrows which were as radiant as the Sun and the Fire and glowed like thunderbolts and fire, destroying the enemies. 54-55.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥