Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.173.32: तत्पश्चात् मातलि आकाश में ऊपर चढ़ गया और सूर्य के समान तेजस्वी रथ पर सवार होकर शीघ्र ही पृथ्वी पर उतरकर उन दैत्यों के सामने गिर पड़ा॥32॥   |   mahabharat अध्याय 3.173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  3.173.32 
ततो मातलिरारुह्य पुरस्तान्निपतन्निव।
महीमवातरत् क्षिप्रं रथेनादित्यवर्चसा॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् मातलि आकाश में ऊपर चढ़ गया और सूर्य के समान तेजस्वी रथ पर सवार होकर शीघ्र ही पृथ्वी पर उतरकर उन दैत्यों के सामने गिर पड़ा॥32॥
 
Thereafter, Matali ascended high in the sky and quickly descended to the earth in a chariot as bright as the sun, falling in front of those demons. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)