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श्लोक  3.173.25 
ततोऽहं शरवर्षेण महता कुरुनन्दन।
मार्गमावृत्य दैत्यानां गतिं चैषामवारयम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुपुत्र! तब मैंने बाणों की भारी वर्षा करके राक्षसों का मार्ग रोक दिया और उनकी गति में बाधा उत्पन्न कर दी।
 
O son of Kuru! Then I showered a heavy shower of arrows and blocked the path of the demons and hindered their movement. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)