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mahabharat 3.173.19: मुझे देखते ही वे राक्षस विचित्र वस्त्र और आभूषणों से सुसज्जित, कवच पहने हुए, रथों पर बैठकर बड़े वेग से मुझ पर टूट पड़े।   |   mahabharat अध्याय 3.173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.173.19 
ते मामालक्ष्य दैतेया विचित्राभरणाम्बरा:।
समुत्पेतुर्महावेगा रथानास्थाय दंशिता:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मुझे देखते ही वे राक्षस विचित्र वस्त्र और आभूषणों से सुसज्जित, कवच पहने हुए, रथों पर बैठकर बड़े वेग से मुझ पर टूट पड़े।
 
On seeing me, those demons, decked in strange clothes and ornaments, wore armour and sat on their chariots and attacked me with great speed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)