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mahabharat 3.173.15: पूर्वकाल में ब्रह्माजी ने मनुष्य के हाथों इनकी मृत्यु निश्चित कर दी थी। कुन्तीकुमार! ये कालकाञ्ज और पौलोम बड़े बलवान और हठी हैं। तुम युद्ध में इनका वज्रस्त्र से शीघ्र ही वध कर डालो। 15॥   |   mahabharat अध्याय 3.173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 173: अर्जुनद्वारा हिरण्यपुरवासी पौलोम तथा कालकेयोंका वध और इन्द्रद्वारा अर्जुनका अभिनन्दन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.173.15 
मानुषान्मृत्युरेतेषां निर्दिष्टो ब्रह्मणा पुरा।
एतानपि रणे पार्थ कालकञ्जान् दुरासदान्।
वज्रास्त्रेण नयस्वाशु विनाशं सुमहाबलान्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
पूर्वकाल में ब्रह्माजी ने मनुष्य के हाथों इनकी मृत्यु निश्चित कर दी थी। कुन्तीकुमार! ये कालकाञ्ज और पौलोम बड़े बलवान और हठी हैं। तुम युद्ध में इनका वज्रस्त्र से शीघ्र ही वध कर डालो। 15॥
 
In earlier times, Lord Brahma had decided their death at the hands of man. Kuntikumar! These Kalkanj and Paulom are very strong and stubborn. You should quickly kill them in the war with Vajrastra. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)