Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.172.35: अर्जुन कहते हैं - महाराज! उन राक्षसों का वध करके तथा नगर में शांति स्थापित करके मैं मातलि सहित उस स्वर्गलोक में लौट आया। | mahabharat अध्याय 3.172: निवातकवचोंका संहार । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन कहते हैं - महाराज! उन राक्षसों का वध करके तथा नगर में शांति स्थापित करके मैं मातलि सहित उस स्वर्गलोक में लौट आया।
Arjuna says - Maharaj! After killing those demons and establishing peace in the city, I returned to that heaven along with Matali. 35.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि निवातकवचयुद्धपर्वणि निवातकवचयुद्धे द्विसप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १७२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत निवातकवचयुद्धपर्वमें निवातकवचयुद्धविषयक
एक सौ बहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥