Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.172.19: उस युद्ध में न तो घोड़ों को कोई हानि हुई, न रथ का कोई उपकरण क्षतिग्रस्त हुआ, न मेरे शत्रु को कोई चोट पहुंची और न ही मेरे शरीर पर कोई चोट आई, यह एक आश्चर्यजनक बात थी। | mahabharat अध्याय 3.172: निवातकवचोंका संहार । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न हयानां क्षति: काचिन्न रथस्य न मातले:।
मम चादृश्यत तदा तदद्भुतमिवाभवत्॥ १९॥
अनुवाद
उस युद्ध में न तो घोड़ों को कोई हानि हुई, न रथ का कोई उपकरण क्षतिग्रस्त हुआ, न मेरे शत्रु को कोई चोट पहुंची और न ही मेरे शरीर पर कोई चोट आई, यह एक आश्चर्यजनक बात थी।
In that battle neither the horses were harmed nor any equipment of the chariot was damaged nor my enemy was hurt nor was any injury seen on my body, this was an astonishing thing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥