vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 171: दानवोंके मायामय युद्धका वर्णन
»
श्लोक 20
श्लोक
3.171.20
एते मया महाघोरा: संग्रामा: पर्युपासिता:।
न चापि विगतज्ञानोऽभूतपूर्वोऽस्मि पाण्डव॥ २०॥
अनुवाद
'मैंने ये बड़े-बड़े भयंकर युद्ध देखे हैं, उनमें भाग लिया है, किन्तु हे पाण्डुपुत्र! इससे पहले मैं कभी इस प्रकार अचेत नहीं हुआ।
'I have seen these huge and terrible wars, I have participated in them, but O son of Pandu! Never before have I fallen unconscious in this manner.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×