vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 171: दानवोंके मायामय युद्धका वर्णन
»
श्लोक 12
श्लोक
3.171.12
ततो वर्षं प्रादुरभूत् सुमहल्लोमहर्षणम्।
अस्त्राणां घोररूपाणामग्नेर्वायोस्तथाश्मनाम्॥ १२॥
अनुवाद
तत्पश्चात् भयंकर अस्त्र-शस्त्रों, अग्नि, वायु और पत्थरों की भारी वर्षा होने लगी, जिससे रीढ़ की हड्डी में कम्पन होने लगा॥12॥
Then there began a heavy shower of dreadful weapons and of fire, wind and stones, which sent shivers down the spine.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×