श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 171: दानवोंके मायामय युद्धका वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.171.12 
ततो वर्षं प्रादुरभूत् सुमहल्लोमहर्षणम्।
अस्त्राणां घोररूपाणामग्नेर्वायोस्तथाश्मनाम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भयंकर अस्त्र-शस्त्रों, अग्नि, वायु और पत्थरों की भारी वर्षा होने लगी, जिससे रीढ़ की हड्डी में कम्पन होने लगा॥12॥
 
Then there began a heavy shower of dreadful weapons and of fire, wind and stones, which sent shivers down the spine.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)