Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.170.29: उन राक्षसों के शरीर सैकड़ों टुकड़ों में फट गए थे। उनके हथियार कट गए थे और उनका उत्साह नष्ट हो गया था। ऐसी स्थिति में निवातकवचों ने मेरे साथ मायावी युद्ध आरम्भ कर दिया। 29। | mahabharat अध्याय 3.170: अर्जुन और निवातकवचोंका युद्ध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन राक्षसों के शरीर सैकड़ों टुकड़ों में फट गए थे। उनके हथियार कट गए थे और उनका उत्साह नष्ट हो गया था। ऐसी स्थिति में निवातकवचों ने मेरे साथ मायावी युद्ध आरम्भ कर दिया। 29।
The bodies of those demons were torn into hundreds of pieces. Their weapons were cut off and their enthusiasm was destroyed. In such a state, the Nivatakavachas started a magical war with me. 29.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि निवातकवचयुद्धपर्वणि सप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १७०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत निवातकवचयुद्धपर्वमें एक सौ सत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥